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हार्ट अटैक की जांच - क्या आप जोखिम में हैं?

Last Updated On: Jan 30 2026

हार्ट अटैक तब होता है जब रक्त नलिकाओं में रुकावट (blockage) के कारण दिल तक पर्याप्त रक्त प्रवाह नहीं पहुँच पाता। वसा (fat), कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) और अन्य पदार्थों का जमाव इस रुकावट का कारण बनता है। धमनी (artery) में प्लाक (plaque) जमा होने को एथेरोस्क्लेरोसिस (atherosclerosis) कहा जाता है। अगर यह प्लाक फट जाए, तो यह थक्के (clots) बना सकता है जो दिल के भीतर रक्त प्रवाह को रोक देते हैं। रक्त प्रवाह में कमी से दिल की मांसपेशियों के कुछ हिस्से नष्ट हो सकते हैं और हार्ट अटैक हो जाता है। 

हार्ट अटैक आमतौर पर दो प्रकार का होता है: एसटीईएमआई (STEMI) (एसटी-एलिवेशन-मायोकार्डियल इन्फार्क्शन) और नॉन-एसटीईएमआई (Non-STEMI)। एसटीईएमआई में ईसीजी (ECG) वेव में बदलाव दिखाई देता है, जिसमें एसटी सेगमेंट (ST segment) सामान्य ईसीजी वेव की तुलना में ऊँचा दिखता है; यह लंबे समय तक दिल की रक्त आपूर्ति पूरी तरह रुक जाने (complete blockade) के कारण होता है। नॉन-एसटीईएमआई हार्ट अटैक आमतौर पर तब होता है जब धमनियाँ बहुत अधिक संकरी (severe narrowing) हो जाती हैं या अस्थायी रुकावट (transient occlusion) के कारण दिल को आवश्यक ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।

हार्ट अटैक के कारण और जोखिम कारक

कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ (coronary artery disease) हार्ट अटैक का प्रमुख कारण है। हार्ट अटैक के अन्य कारण हैं:

  • रक्त में ऑक्सीजन की कमी
  • ड्रग्स का गलत/अनुचित उपयोग (drug misuse)
  • रक्त नलिकाओं के भीतर ऐंठन (spasms)
  • रक्त नलिकाओं का फटना/फटाव (tearing)

हार्ट अटैक होने के जोखिम कारक हैं:

  • उम्र
  • आहार/डाइट से जुड़े कारण
  • मोटापा
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल
  • धूम्रपान और शराब का सेवन
  • तनाव
  • नींद से जुड़ी समस्याएँ
  • डायबिटीज़, प्रीडायबिटीज़

हार्ट अटैक के लक्षण

हार्ट अटैक के आम लक्षण हैं:

  • सीने में दर्द, असहजता
  • मतली
  • सांस फूलना
  • बांह या कंधे में तेज दर्द
  • पसीना आना
  • थकान
  • चक्कर/हल्कापन महसूस होना
  • ऊपरी शरीर और जबड़े में दर्द।
  • सांस लेने में कठिनाई

हार्ट अटैक के दौरान और बाद में क्या होता है?

  • हार्ट अटैक दिल तक रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह कम कर देता है।
  • दिल में असामान्य रिद्म/धड़कनें विकसित हो सकती हैं।
  • रक्त और ऑक्सीजन की कमी से दिल के कुछ ऊतक मर (die) सकते हैं।
  • यह दिल को कमजोर कर सकता है, जिससे हार्ट फेल्योर हो सकता है।
  • यह हार्ट वाल्व्स के कामकाज को प्रभावित कर सकता है।

हार्ट अटैक का निदान

दिल के कामकाज और कुल कार्डिएक (cardiac) स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए ब्लड प्रेशर और पल्स (pulse) मापी जाती है। हार्ट अटैक के बाद, दिल की मांसपेशियों में नुकसान देखने के लिए आमतौर पर इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम ईसीजी (ECG या EKG) किया जाता है। डॉक्टर चेस्ट एक्स-रे (chest x-ray) की सलाह भी दे सकते हैं, ताकि देखा जा सके कि दिल बड़ा (enlarged) तो नहीं है, या फेफड़ों के आसपास तरल (fluid) जमा तो नहीं हुआ है।

इसे विस्तार से समझते हैं:

  • इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG या EKG)

ईसीजी टेस्ट दिल की इलेक्ट्रिकल गतिविधि (electrical activity) को मापता है। ईसीजी दिल की मांसपेशियों और वाल्व्स से जुड़ी समस्याएँ पहचान सकता है और दिल की रिद्म (rhythm) की निगरानी कर सकता है। सिग्नल रिकॉर्ड करने के लिए छाती, बांहों और पैरों पर स्टिकी पैच (इलेक्ट्रोड्स/electrodes) लगाए जाते हैं; ये सिग्नल वेवफॉर्म (waveforms) के रूप में रिकॉर्ड होते हैं, जिन्हें स्क्रीन पर देखा जाता है या कागज़ पर प्रिंट किया जाता है।

हार्ट अटैक के निदान के पहले टेस्ट के रूप में ईसीजी एक सरल, बिना दर्द वाला टेस्ट है, जो कुछ ही मिनटों में हो जाता है। यह हार्ट अटैक, कंजेस्टिव हार्ट फेल्योर (congestive heart failure) या अनियमित धड़कन (irregular heartbeat) जैसी हृदय स्थितियों के निदान में मदद करता है।

  •  चेस्ट एक्स-रे

चेस्ट एक्स-रे में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एनर्जी बीम्स (electromagnetic energy beams) का उपयोग करके छाती के भीतर की संरचनाओं की इमेज बनाई जाती है। यह सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है और इसमें रेडिएशन एक्सपोज़र (radiation exposure) बहुत कम होता है। गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए इसकी सलाह नहीं दी जाती, क्योंकि वे रेडिएशन के प्रभावों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

  • ब्लड टेस्ट

हार्ट अटैक के निदान के लिए ब्लड टेस्ट अक्सर ट्रोपोनिन (troponin) की जांच के लिए किया जाता है—यह एक प्रोटीन है जो दिल को नुकसान होने पर रक्त में रिलीज़ होता है। डॉक्टर उन एन्ज़ाइम्स की जांच के लिए भी ब्लड टेस्ट की सलाह दे सकते हैं, जो तब रिलीज़ होते हैं जब दिल की मांसपेशियों की कोशिकाएँ मरती हैं।

कार्डिएक इंजरी प्रोफाइल्स (cardiac injury profiles) ब्लड टेस्ट का एक समूह है, जो रक्त में विभिन्न घटकों के स्तर मापता है; ये घटक आमतौर पर हार्ट अटैक के दौरान प्रभावित होते हैं। ट्रोपोनिन I और सीके-एमबी (CK-MB) को टेस्ट ऑफ चॉइस (tests of choice) माना जाता है।

  • इमेजिंग टेस्ट

इन टेस्ट में कम्प्यूटेड टोमोग्राफी सीटी (CT) स्कैन, मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग एमआरआई (MRI), इकोकार्डियोग्राम (echocardiogram) और न्यूक्लियर स्ट्रेस टेस्ट (nuclear stress test) शामिल हैं।

  • इकोकार्डियोग्राम

इकोकार्डियोग्राम (echo) टेस्ट अल्ट्रासाउंड वेव्स (ultrasound waves) का उपयोग करके दिल की इमेज बनाता है। डॉक्टर इको की मदद से दिल की संरचना और कार्य (functioning) का आकलन कर सकते हैं। यह दिल की मांसपेशियों या वाल्व्स से जुड़ी समस्याओं के निदान में भी मदद करता है।

  • नॉन-एसटीईएमआई हार्ट अटैक का निदान

नॉन-एसटीईएमआई हार्ट अटैक का निदान ब्लड टेस्ट, इमेजिंग टेस्ट और इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम से किया जाता है। ब्लड टेस्ट नॉन-एसटीईएमआई के संकेतकों का पता लगाता है, जैसे बढ़ा हुआ क्रिएटिन काइनेज़-मायोकार्डियल बैंड (CK-MB), ट्रोपोनिन (troponin), मायोग्लोबिन (myoglobin), और लैक्टेट डिहाइड्रोजनेज़ (LDH)

इकोकार्डियोग्राम, कार्डिएक एमआरआई (cardiac MRI), कम्प्यूटेड टोमोग्राफी एंजियोग्राफी (CTA) या कोरोनरी एंजियोग्राम (coronary angiogram) जैसे इमेजिंग टेस्ट धमनी में रुकावट देखने के लिए किए जाते हैं। नॉन-एसटीईएमआई में दिल की इलेक्ट्रिकल गतिविधि में होने वाले बदलावों की जांच के लिए इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम भी किया जा सकता है।

यदि कोई भी लक्षण हो, तो हार्ट अटैक का निदान कराना महत्वपूर्ण है, क्योंकि जल्दी इलाज आपकी जान बचा सकता है।

हार्ट अटैक का इलाज

हार्ट अटैक के इलाज का उद्देश्य दिल के भीतर रक्त प्रवाह को सही करना और रक्त में ऑक्सीजन के स्तर को बहाल करना होता है। नीचे दिए गए उपचार तरीके हार्ट अटैक के मरीज के लिए मददगार हो सकते हैं:

दवाएँ

  • क्लॉट बस्टर्स (clot busters)
  • ब्लड थिनिंग दवाएँ (blood thinning medicines)
  • दर्द निवारक (pain relievers)
  • नाइट्रोग्लिसरीन (nitroglycerin)
  • ब्लड-प्रेशर कम करने वाली दवाएँ
  • कोलेस्ट्रॉल-कम करने वाली दवाएँ

सर्जिकल प्रक्रियाएँ

  • कोरोनरी आर्टरी बायपास सर्जरी (coronary artery bypass surgery)
  • कोरोनरी एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग (coronary angioplasty and stenting)
  • पेसमेकर (pacemaker)
  • वाल्व रिपेयर या रिप्लेसमेंट सर्जरी (valve repair or replacement surgery)

कार्डिएक रिहैबिलिटेशन (rehab)

  • सर्जरी के बाद हृदय स्वास्थ्य बेहतर करने के लिए एक्सरसाइज़ और एजुकेशन प्रोग्राम।

वैकल्पिक उपचार

सही समय पर हार्ट अटैक का इलाज मिलना बहुत जरूरी है। हार्ट अटैक होने के बाद जितनी जल्दी आपको मेडिकल मदद मिलती है, आपके उपचार के परिणाम उतने ही बेहतर होने की संभावना रहती है।

जटिलताएँ

हार्ट अटैक जानलेवा हो सकता है। यह लंबे समय में आपके हृदय स्वास्थ्य और उसके कामकाज को प्रभावित करता है।

हार्ट अटैक से बचाव

आपकी जीवनशैली—खासकर भोजन और व्यायाम—हृदय रोग और स्ट्रोक के खिलाफ आपका सबसे बड़ा हथियार है। स्वस्थ दिल के लिए कुछ सुझाव:

  • धूम्रपान और शराब छोड़ें

धूम्रपान और शराब का सेवन हार्ट अटैक के जोखिम कारकों को बढ़ाता है। धूम्रपान और शराब छोड़ना आपके दिल के लिए सबसे अच्छी बात है।

  • स्वस्थ आहार लें

फल, सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज (whole grains) अधिक और सैचुरेटेड तथा ट्रांस फैट कम वाली डाइट हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है।

  • सक्रिय रहें

सिर्फ 30 मिनट का मध्यम-तीव्रता (moderate-intensity) व्यायाम भी हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

  • अपना ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें

यदि आपको हाई ब्लड प्रेशर है, तो डॉक्टर के साथ मिलकर इसे नियंत्रित करना हार्ट अटैक के जोखिम को कम कर सकता है।

  • अपना कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखें

यदि आपको हाई कोलेस्ट्रॉल है, तो इसे मैनेज करने के कदम हार्ट अटैक के जोखिम को कम कर सकते हैं।

  • अपनी डायबिटीज़ नियंत्रित रखें

यदि आपको डायबिटीज़ है, तो हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने के लिए डॉक्टर से सलाह लेकर अपनी डायबिटीज़ मैनेज करें।

  • तनाव कम करें

तनाव को प्रभावी तरीके से मैनेज करना हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

  • अपनी फैमिली हिस्ट्री जानें

हृदय रोगों का पारिवारिक इतिहास आपके कार्डिएक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। अपने डॉक्टर के लिए आपकी सेहत को बेहतर तरीके से मैनेज करने हेतु फैमिली हिस्ट्री जानना महत्वपूर्ण है।

  • नियमित चेकअप

नियमित मेडिकल चेकअप स्वास्थ्य समस्याओं की जल्दी पहचान में मदद करते हैं, जब उनका इलाज आसान होता है।

लिपिड प्रोफाइल आकलन, कार्डिएक रिस्क आकलन, डायबिटीज़ रिस्क प्रोफाइल—ये कुछ टेस्ट हैं जो डॉक्टर की सलाह के अनुसार किए जा सकते हैं।

निष्कर्ष

हार्ट अटैक के जोखिम की पहचान और बचाव करना बहुत जरूरी है। आपकी उम्र, जीवनशैली और पहले से मौजूद मेडिकल स्थितियाँ हार्ट अटैक के जोखिम को तय करती हैं। इन जोखिमों को खत्म करने या कम करने के लिए तुरंत बचाव के उपाय अपनाना बेहतर रहेगा।

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