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टीटीजी-आईजीए (Tissue Transglutaminase IgA) टेस्ट
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ब्लड टेस्ट शरीर के अंदर चल रही समस्या को समझने और आगे की जांच/इलाज तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इन्हीं में से एक है टीटीजी टेस्ट, जिसे टिशू ट्रांसग्लूटामिनेज़ आईजीए (tTG-IgA) टेस्ट भी कहा जाता है। यह टेस्ट मुख्य रूप से सीलिएक डिज़ीज़ (Celiac Disease) की पहचान में मदद करता है।
यह एक एंटीबॉडी टेस्ट है—अगर शरीर में tTG-IgA एंटीबॉडी का स्तर बढ़ा हुआ मिले, तो यह संकेत हो सकता है कि व्यक्ति को सीलिएक डिज़ीज़ है। इस लेख में आप जानेंगे कि यह टेस्ट क्या है, कब करवाया जाता है, कैसे होता है, रिपोर्ट का क्या मतलब है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
tTG-IgA टेस्ट क्या होता है?
tTG-IgA टेस्ट सीलिएक डिज़ीज़ की पहचान के लिए किया जाता है। सीलिएक में शरीर का इम्यून सिस्टम ग्लूटेन (गेहूं, जौ आदि में पाया जाने वाला प्रोटीन) को “खतरा” मानकर उस पर रिएक्शन करता है।
ऐसी स्थिति में शरीर ग्लूटेन के खिलाफ बहुत सारी एंटीबॉडी बनाने लगता है। इसी प्रक्रिया में कुछ एंटीबॉडी गलती से शरीर के एक एंज़ाइम टिशू ट्रांसग्लूटामिनेज़ (tTG) पर भी हमला कर देती हैं, जो सामान्यतः कोशिकाओं की मरम्मत (healing) में मदद करता है।
इन एंटीबॉडी को एंटी-tTG एंटीबॉडी कहा जाता है। सीलिएक में इनका स्तर बढ़ जाता है—और यही बात tTG-IgA टेस्ट के जरिए पता चलती है।
tTG-IgA टेस्ट क्यों किया जाता है?
अगर आपको सीलिएक डिज़ीज़ के लक्षण दिखाई दे रहे हों, तो डॉक्टर एंटी-tTG-IgA टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। सामान्यतः ये लक्षण देखे जा सकते हैं:
- पेट फूलना (Bloating)
- कब्ज
- दस्त (Diarrhea)
- गैस बनना
- उल्टी
- लगातार मतली (Nausea)
- पेट दर्द
- दूध/डेयरी पचाने में दिक्कत (कुछ लोगों में)
- पानी जैसा मल
बच्चों में सीलिएक के लक्षण कई बार ज्यादा स्पष्ट होते हैं। कुछ बच्चों में स्किन रैश, दांतों के एनामेल (tooth enamel) की समस्या भी हो सकती है। क्योंकि शरीर पोषक तत्व ठीक से नहीं सोख पाता, इसलिए वज़न न बढ़ना, कद कम रह जाना, प्यूबर्टी में देरी और पढ़ाई/फोकस में कठिनाई जैसी बातें भी दिख सकती हैं।
ध्यान रखें—इन लक्षणों का मतलब हमेशा सीलिएक ही हो, ऐसा जरूरी नहीं। इसलिए सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह और जांच जरूरी है।
tTG-IgA टेस्ट कैसे होता है?
यह एक साधारण ब्लड टेस्ट है। हेल्थकेयर प्रोफेशनल आपकी नस से थोड़ी मात्रा में खून लेते हैं। पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में हो जाती है।
इसके बाद सैंपल लैब में भेजा जाता है, जहां एंटी-tTG-IgA एंटीबॉडी का स्तर मापा जाता है। अगर एंटीबॉडी का स्तर ज्यादा हो, तो यह सीलिएक डिज़ीज़ की तरफ इशारा कर सकता है।
सीलिएक की जांच/कन्फर्मेशन में डॉक्टर कुछ और बातें भी देखते हैं, जैसे:
- फैमिली हिस्ट्री: कई मामलों में सीलिएक आनुवंशिक (genetic) भी हो सकता है।
- शारीरिक बदलाव: वजन कम होना, कमजोरी, स्किन रैश, दांतों में समस्या, उम्र के हिसाब से कद/विकास में कमी आदि।
- ब्लड टेस्ट: tTG-IgA सबसे प्रचलित और उपयोगी स्क्रीनिंग टेस्ट माना जाता है।
- बायोप्सी: जरूरत पड़ने पर छोटी आंत (small intestine) के टिशू का नमूना लेकर माइक्रोस्कोप से जांच की जाती है।
- जेनेटिक टेस्ट: कुछ केस में गाल के अंदर से स्वैब लेकर यह देखा जाता है कि सीलिएक से जुड़ी जीन मौजूद हैं या नहीं।
tTG-IgA टेस्ट के उपयोग
tTG-IgA टेस्ट मुख्य रूप से सीलिएक डिज़ीज़ की पहचान के लिए किया जाता है। इसके अलावा यह इन स्थितियों में भी मददगार हो सकता है:
- ग्लूटेन खाने पर लक्षण आने वाले लोगों में जांच करना (डॉक्टर की सलाह अनुसार)
- सीलिएक की पुष्टि के बाद ग्लूटेन-फ्री डाइट से सुधार हो रहा है या नहीं—यह देखने के लिए एंटीबॉडी लेवल मॉनिटर करना
- जो लोग ज्यादा जोखिम में हों, जैसे परिवार में सीलिएक का इतिहास या टाइप 1 डायबिटीज़ या थायरॉइड जैसी ऑटोइम्यून समस्याएं
tTG-IgA रिपोर्ट का क्या मतलब होता है?
रिपोर्ट की व्याख्या उम्र, लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री और लैब के रेफरेंस रेंज पर निर्भर करती है। इसलिए अपने डॉक्टर से रिपोर्ट जरूर समझें।
सामान्य तौर पर:
- अगर tTG-IgA नॉर्मल रेंज में है, तो अधिकतर मामलों में सीलिएक की संभावना कम मानी जाती है।
- अगर एंटीबॉडी लेवल बढ़ा हुआ है, तो सीलिएक की संभावना बढ़ जाती है और डॉक्टर अन्य जांचों/क्लिनिकल लक्षणों के साथ मिलाकर निर्णय लेते हैं।
कुछ बच्चों में या कुछ विशेष स्थितियों में टेस्ट अपेक्षित रूप से पॉजिटिव न भी आए—इसलिए डॉक्टर जरूरत के अनुसार अन्य टेस्ट भी सलाह दे सकते हैं।
हाई tTG लेवल क्या माना जाता है?
कई लैब्स में रेफरेंस रेंज अलग हो सकती है, लेकिन आपके दिए गए डेटा के अनुसार:
- ≤ 3 U/mL: सामान्य/औसत स्तर
- 4–10 U/mL: वीक पॉजिटिव (कमजोर पॉजिटिव)
- ≥ 11 U/mL: स्ट्रॉन्ग पॉजिटिव—सीलिएक की संभावना अधिक
सबसे जरूरी बात: अपनी रिपोर्ट का निष्कर्ष डॉक्टर से ही लें, क्योंकि कट-ऑफ लैब-टू-लैब बदल सकते हैं।
किन बातों से रिपोर्ट प्रभावित हो सकती है?
ग्लूटेन का सेवन tTG-IgA लेवल पर असर डाल सकता है। अगर आपने लंबे समय से ग्लूटेन बंद कर दिया है, तो एंटीबॉडी लेवल कम हो सकता है और रिपोर्ट प्रभावित हो सकती है। इसलिए टेस्ट से पहले क्या खाना है/क्या नहीं—यह डॉक्टर की सलाह से तय करें।
इसके अलावा:
- अपनी मेडिकल हिस्ट्री और चल रही दवाएं डॉक्टर को जरूर बताएं।
- कुछ मामलों में एंटीबॉडी पर्याप्त मात्रा में न बन पाने के कारण रिपोर्ट गलत-नकारात्मक (false negative) आ सकती है।
- बच्चों में रिपोर्ट के साथ-साथ पोषण, वजन और ग्रोथ पैटर्न पर भी डॉक्टर ध्यान देते हैं।
tTG-IgA टेस्ट के फायदे
- अच्छी सटीकता: ग्लूटेन लेने वाले सीलिएक मरीजों में यह टेस्ट काफी संवेदनशील माना जाता है।
- बिना किसी बड़ी प्रक्रिया के: सिर्फ ब्लड सैंपल से हो जाता है—बायोप्सी की तुलना में आसान।
- जल्दी पहचान: समय रहते निदान होने से पोषण की कमी और आंतों के नुकसान जैसी जटिलताओं से बचाव में मदद मिलती है।
- ट्रीटमेंट मॉनिटरिंग: ग्लूटेन-फ्री डाइट के बाद एंटीबॉडी लेवल घट रहा है या नहीं, यह देखने में मदद करता है।
जोखिम और अन्य जरूरी बातें
यह सामान्य ब्लड टेस्ट है, इसलिए जोखिम बहुत कम होता है। कभी-कभी सैंपल लेने वाली जगह पर हल्का दर्द, सूजन या थोड़ी देर तक निशान रह सकता है।
अगर डॉक्टर को लगे कि सिर्फ ब्लड टेस्ट से पूरी पुष्टि नहीं हो रही, तो वे अन्य जांचें भी लिख सकते हैं, जैसे:
- सी-रिएक्टिव प्रोटीन (CRP) या पोषण से जुड़े अन्य मार्कर्स
- छोटी आंत की बायोप्सी (जरूरत पड़ने पर)
अगर आपको लगता है कि ग्लूटेन से परेशानी बढ़ती है (गेहूं/जौ जैसे अनाज लेने पर), तो डॉक्टर से बात करें और सेल्फ-डायग्नोसिस की बजाय सही टेस्टिंग कराएं।
निष्कर्ष
ग्लूटेन या लैक्टोज़ असहिष्णुता (intolerance) के कारण कई लोगों में सीलिएक का जोखिम हो सकता है। अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षण लगातार महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर tTG-IgA टेस्ट करवाना मददगार हो सकता है।
Metropolis Healthcare में आप भरोसेमंद डायग्नोस्टिक टेस्ट्स, प्रशिक्षित स्टाफ और सुविधाजनक सैंपल कलेक्शन जैसी सेवाओं के जरिए समय पर जांच करवा सकते हैं।
FAQs
tTG-IgA टेस्ट किस लिए किया जाता है?
tTG-IgA टेस्ट सीलिएक डिज़ीज़ की पहचान के लिए किया जाता है। यह टिशू ट्रांसग्लूटामिनेज़ के खिलाफ बनने वाली एंटीबॉडी का स्तर मापता है।
अगर tTG पॉजिटिव आ जाए तो क्या होता है?
पॉजिटिव रिज़ल्ट सीलिएक की संभावना दिखाता है। पुष्टि के लिए डॉक्टर लक्षणों, अन्य ब्लड टेस्ट या जरूरत पड़ने पर बायोप्सी की सलाह दे सकते हैं।
कौन-सा IgA लेवल सीलिएक दर्शाता है?
जो लेवल लैब की नॉर्मल रेंज से अधिक हो और लक्षण/अन्य जांच के साथ मेल खाता हो, वह सीलिएक की तरफ संकेत कर सकता है। रेफरेंस वैल्यू लैब के अनुसार बदल सकती है।
tTG की नॉर्मल रेंज क्या है?
यह लैब-टू-लैब अलग हो सकती है। कई जगह 4–10 U/mL के अंदर को नॉर्मल/बॉर्डरलाइन के रूप में देखा जाता है, लेकिन सही कट-ऑफ अपनी रिपोर्ट की रेफरेंस रेंज से ही समझें।
tTG-IgA टेस्ट कब करवाना चाहिए?
अगर आपको लंबे समय से पाचन संबंधी समस्या, बार-बार दस्त/कब्ज, पेट फूलना, वज़न घटने-कम बढ़ने, पोषण की कमी या सीलिएक का फैमिली इतिहास हो—तो डॉक्टर की सलाह पर यह टेस्ट करवाया जा सकता है।









