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यूरिन कल्चर टेस्ट: प्रक्रिया, तैयारी और रिपोर्ट
Table of Contents
- यूरिन कल्चर टेस्ट क्या है?
- किसे यूरिन कल्चर की जरूरत होती है?
- यूरिन कल्चर टेस्ट और यूरिन जांच (Urinalysis) में क्या फर्क है?
- यूरिन कल्चर के दौरान क्या होता है?
- यूरिन सैंपल लेने के अन्य तरीके
- यूरिन कल्चर रिपोर्ट आने में कितना समय लगता है?
- यूरिन कल्चर टेस्ट के जोखिम
- पॉजिटिव यूरिन कल्चर रिपोर्ट का क्या मतलब है?
- नेगेटिव यूरिन कल्चर रिपोर्ट का क्या मतलब है?
- निष्कर्ष
यूरिन कल्चर टेस्ट क्या है?
यूरिन कल्चर टेस्ट (Urine Culture Test) एक लैब जांच है, जिसमें पेशाब (मूत्र) के नमूने में मौजूद बैक्टीरिया या फंगस (यीस्ट) का पता लगाया जाता है और उनकी पहचान की जाती है। यह जांच मूत्र पथ संक्रमण (यूटीआई) का निदान करने में बहुत मददगार होती है, जो मूत्राशय, किडनी, यूरेटर्स (मूत्रवाहिनियाँ) या यूरेथ्रा (मूत्रमार्ग) को प्रभावित कर सकता है। मूत्र की कल्चर जाँच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि संक्रमण किस जीवाणु/फंगस की वजह से हो रहा है।
इस टेस्ट में मूत्र के नमूने को एक विशेष पोषक माध्यम (कल्चर मीडिया) पर रखा जाता है, जिससे सूक्ष्मजीव बढ़ सकें। 24 से 72 घंटों में, अगर नमूने में बैक्टीरिया या फंगस मौजूद हैं, तो वे बढ़ जाते हैं और उनकी पहचान आसान हो जाती है। इसके बाद लैब उस जीव का प्रकार और मात्रा बताती है।
इसके साथ अक्सर यूरिन कल्चर सेंसिटिविटी टेस्ट भी किया जाता है, ताकि यह पता चल सके कि कौन-सी एंटीबायोटिक उस खास संक्रमण के खिलाफ सबसे प्रभावी होगी। इससे इलाज अधिक सटीक होता है, जल्दी राहत मिलती है और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का जोखिम कम होता है।
दिलचस्प बात यह है कि ई. कोलाई (E. coli) लगभग 90% यूटीआई के लिए जिम्मेदार होती है, इसलिए यूरिन कल्चर में यह सबसे आम जीव माना जाता है। कुल मिलाकर, यह टेस्ट सही इलाज तय करने और मूत्र संक्रमण से जुड़ी जटिलताओं को कम करने के लिए बहुत जरूरी है।
किसे यूरिन कल्चर की जरूरत होती है?
यूरिन कल्चर टेस्ट आमतौर पर उन लोगों को सुझाया जाता है जिनमें यूटीआई के लक्षण हों। जैसे—पेशाब करते समय जलन, बार-बार या तुरंत पेशाब लगना, पेशाब का धुंधला या बदबूदार होना, पेशाब में खून, पेट के निचले हिस्से या पीठ में दर्द, बुखार या ठंड लगना। ये संकेत बताते हैं कि बैक्टीरियल संक्रमण हो सकता है, जिसकी सही पहचान जरूरी होती है।
डॉक्टर बार-बार होने वाले यूटीआई, गर्भवती महिलाओं, मूत्र पथ की संरचनात्मक समस्या वाले लोगों, या कमजोर प्रतिरक्षा (इम्यून सिस्टम) वाले व्यक्तियों में भी यूरिन कल्चर टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। ऐसे मामलों में कल्चर सेंसिटिविटी से यह तय करने में मदद मिलती है कि कौन-सी एंटीबायोटिक सबसे असरदार होगी—जिससे इलाज अधिक लक्षित होता है और जटिलताओं का जोखिम घटता है।
यूरिन कल्चर टेस्ट और यूरिन जांच (Urinalysis) में क्या फर्क है?
हालाँकि यूरिन जांच (Urinalysis) और यूरिन कल्चर टेस्ट—दोनों के लिए मूत्र का नमूना चाहिए, लेकिन दोनों का उद्देश्य अलग होता है। यूरिन जांच एक शुरुआती/स्क्रीनिंग टेस्ट है, जिसमें पेशाब में रेड ब्लड सेल्स, व्हाइट ब्लड सेल्स, बैक्टीरिया, प्रोटीन, ग्लूकोज़ और अन्य पदार्थों की मौजूदगी देखी जाती है। यह संक्रमण की संभावना दिखा सकता है, लेकिन यह नहीं बताता कि संक्रमण किस जीव से हुआ है।
वहीं यूरिन कल्चर सेंसिटिविटी टेस्ट ज्यादा विस्तृत जांच है। इसमें नमूने में मौजूद सूक्ष्मजीवों को बढ़ाकर (कल्चर करके) यह पता लगाया जाता है कि कौन-सा बैक्टीरिया या फंगस संक्रमण कर रहा है। साथ ही, कल्चर सेंसिटिविटी यह भी बताती है कि कौन-सी एंटीबायोटिक उस जीव के खिलाफ सबसे प्रभावी होगी।
तालिका: यूरिन कल्चर टेस्ट और यूरिन जांच में अंतर
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बिंदु |
यूरिन जांच |
यूरिन कल्चर टेस्ट |
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उद्देश्य |
संक्रमण या अन्य गड़बड़ी के संकेतों की त्वरित जांच |
संक्रमण करने वाले सटीक जीव की पहचान और पुष्टि |
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यह क्या दिखाती है |
रेड ब्लड सेल्स, व्हाइट ब्लड सेल्स, बैक्टीरिया, प्रोटीन, ग्लूकोज़ और अन्य पदार्थ |
संक्रमण करने वाले विशिष्ट बैक्टीरिया या फंगस |
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समय |
तुरंत/जल्द परिणाम |
सूक्ष्मजीवों की वृद्धि और जांच के लिए 24-72 घंटे |
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रिपोर्ट क्या बताती है |
संक्रमण की संभावना |
सटीक कारण और कौन-सी एंटीबायोटिक असरदार होगी |
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आगे की कार्रवाई |
संक्रमण की आशंका हो तो कल्चर कराने की जरूरत पड़ सकती है |
सीधे सही एंटीबायोटिक इलाज चुनने में मदद करता है |
यूरिन कल्चर के दौरान क्या होता है?
यूरिन कल्चर टेस्ट (जिसे कई जगह कल्चर और सेंसिटिविटी (C & S) भी कहा जाता है) के लिए आपको मूत्र का नमूना देना होता है। प्रक्रिया आमतौर पर ऐसी होती है:
- साफ-सफाई: हाथ अच्छी तरह धोएँ और दिए गए एंटीसेप्टिक वाइप से जननांग क्षेत्र साफ करें, ताकि नमूना दूषित न हो।
- नमूना लेना: पहले थोड़ा पेशाब टॉयलेट में करें, फिर बीच की धार (मिडस्ट्रीम) का मूत्र लैब द्वारा दिए गए स्टरल कंटेनर में लें। कंटेनर के अंदरूनी हिस्से को न छुएँ।
- बंद करना और पहचान लिखना: कंटेनर अच्छी तरह बंद करें और उस पर नाम, जन्मतिथि और नमूना लेने का समय लिखें।
- लैब तक पहुँचाना: नमूना जल्द से जल्द लैब/हेल्थकेयर प्रोवाइडर को दें। देरी हो तो नमूना फ्रिज में रखें, ताकि बैक्टीरिया जरूरत से ज्यादा न बढ़ें।
लैब में तकनीशियन मूत्र की थोड़ी मात्रा कल्चर मीडिया प्लेट पर लगाते हैं। 24-48 घंटे बाद ग्रोथ देखी जाती है। यदि सूक्ष्मजीव बढ़ते हैं, तो उनकी पहचान और संख्या बताई जाती है। इसके बाद एंटीबायोटिक सेंसिटिविटी टेस्ट किया जाता है ताकि सही उपचार चुना जा सके।
यूरिन सैंपल लेने के अन्य तरीके
कुछ खास स्थितियों में मूत्र नमूना लेने के अन्य तरीके अपनाए जा सकते हैं:
- कैथेटर से नमूना: एक स्टरल कैथेटर यूरेथ्रा से होकर मूत्राशय में डालकर सीधे मूत्र लिया जाता है। जब क्लीन-कैच नमूना देना संभव न हो, तब यह तरीका अपनाया जाता है।
- सुप्राप्यूबिक एस्पिरेशन: दुर्लभ मामलों में पेट की दीवार से सुई डालकर सीधे मूत्राशय से मूत्र लिया जाता है। यह आमतौर पर शिशुओं में या जब अन्य तरीके संभव न हों, तब किया जाता है।
- यूरिन बैग से नमूना: शिशु/छोटे बच्चों में स्टरल बैग जननांग क्षेत्र पर लगाया जाता है। हालांकि, इस तरीके में दूषित होने की संभावना ज्यादा रहती है।
यूरिन कल्चर रिपोर्ट आने में कितना समय लगता है?
यूरिन कल्चर टेस्ट में आमतौर पर 24 से 48 घंटे लगते हैं। अगर फंगस संक्रमण की आशंका हो, तो कल्चर कई दिनों तक रखा जा सकता है।
ग्रोथ मिलने के बाद एंटीबायोटिक सेंसिटिविटी टेस्ट किया जाता है, इसलिए फाइनल यूरिन कल्चर रिपोर्ट आने में थोड़ा समय बढ़ सकता है।
यूरिन कल्चर टेस्ट के जोखिम
यूरिन कल्चर टेस्ट सामान्यतः सुरक्षित और कम जोखिम वाला है, खासकर जब मिडस्ट्रीम क्लीन-कैच नमूना लिया जाए। फिर भी कुछ स्थितियों में ये परेशानियाँ हो सकती हैं:
- असुविधा या दर्द: यदि कैथेटर से नमूना लिया गया हो, तो कुछ देर असुविधा या हल्का दर्द हो सकता है।
- संक्रमण का जोखिम: कैथेटराइजेशन में बहुत कम संभावना होती है कि नए बैक्टीरिया मूत्र पथ में चले जाएँ।
- हल्का खून या जलन: दुर्लभ मामलों में कैथेटर या सुप्राप्यूबिक एस्पिरेशन में हल्की जलन/खून आ सकता है।
- गलत रिपोर्ट: नमूना सही तरीके से न लेने या दूषित होने पर रिपोर्ट गलत आ सकती है और टेस्ट दोहराना पड़ सकता है।
- एलर्जी: बहुत ही दुर्लभ, लेकिन कुछ लोगों को एंटीसेप्टिक से त्वचा में जलन हो सकती है।
इन छोटे जोखिमों के बावजूद, यूटीआई का सटीक निदान और सही इलाज के लिए यूरिन कल्चर टेस्ट बहुत महत्वपूर्ण है। किसी भी चिंता के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें, जिसमें यूरिन कल्चर टेस्ट की कीमत से जुड़ी जानकारी भी शामिल हो सकती है।
पॉजिटिव यूरिन कल्चर रिपोर्ट का क्या मतलब है?
पॉजिटिव यूरिन कल्चर रिपोर्ट का मतलब है कि मूत्र नमूने से बैक्टीरिया या फंगस की ग्रोथ हुई है—यानी मूत्र संक्रमण मौजूद है। लैब ग्रोथ की मात्रा बताती है, जो आमतौर पर colony-forming units per millilitre के रूप में सीएफयू/एमएल (CFU/mL) में लिखी जाती है। ज्यादा काउंट आमतौर पर अधिक महत्वपूर्ण संक्रमण दर्शाता है।
इस रिपोर्ट में संक्रमण करने वाले जीव की पहचान भी बताई जाती है—जैसे ई. कोलाई, क्लेब्सिएला या स्टैफिलोकोकस। यह जानकारी सही एंटीबायोटिक चुनने के लिए जरूरी होती है।
साथ ही, कल्चर सेंसिटिविटी से यह पता चलता है कि कौन-सी एंटीबायोटिक उस विशेष बैक्टीरिया पर सबसे ज्यादा असर करेगी। इससे इलाज अधिक प्रभावी होता है और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का खतरा कम होता है।
नेगेटिव यूरिन कल्चर रिपोर्ट का क्या मतलब है?
नेगेटिव यूरिन कल्चर टेस्ट का मतलब है कि मूत्र नमूने में कोई महत्वपूर्ण बैक्टीरिया या फंगस ग्रोथ नहीं मिली। यानी आपके लक्षण यूटीआई की वजह से होने की संभावना कम है।
हालांकि, यह भी ध्यान रखें कि नेगेटिव यूरिन कल्चर रिपोर्ट से हर तरह की मूत्र संबंधी समस्या पूरी तरह से बाहर नहीं हो जाती। कुछ मामलों में यूटीआई जैसे लक्षण अन्य कारणों से भी हो सकते हैं, जैसे:
- मूत्र पथ में जलन या सूजन
- मूत्राशय में पथरी या अन्य रुकावट
- ओवरएक्टिव ब्लैडर सिंड्रोम
- यौन संचारित संक्रमण जैसे क्लैमाइडिया या गोनोरिया
यदि मूत्र की कल्चर जाँच नेगेटिव आने के बावजूद लक्षण बने रहें, तो डॉक्टर अन्य जांचें सुझा सकते हैं ताकि असली कारण पता चल सके और सही इलाज तय हो सके।
निष्कर्ष
यूरिन कल्चर टेस्ट यूटीआई का पता लगाने और संक्रमण करने वाले जीव की सही पहचान के लिए एक महत्वपूर्ण जांच है। कल्चर सेंसिटिविटी से यह भी पता चलता है कि कौन-सी एंटीबायोटिक सबसे प्रभावी होगी, जिससे इलाज अधिक लक्षित और असरदार बनता है।
Metropolis Healthcare में, हम सटीक और समय पर जांच के महत्व को समझते हैं। हमारी आधुनिक लैब्स में यूरिन कल्चर सेंसिटिविटी टेस्ट उपलब्ध हैं। आप हमारे केंद्रों पर या घर पर सैंपल कलेक्शन के जरिए नमूना दे सकते हैं, और हमारी प्रशिक्षित टीम भरोसेमंद यूरिन कल्चर रिपोर्ट उपलब्ध कराती है ताकि आपका डॉक्टर सही उपचार योजना बना सके।









